Bazm-e-khayal #16

Sharing with you all few more couplets😊   ********   यह टूटे, सूखे, हवा से लड़ते पत्ते, मुझे बहुत सुकून देते हैं। कि मैं अकेली नहीं, जो खत्म होने वाली हूं।   ********   नहीं मिलती मर्ज़ी से अपनी खुशियां हमे, इसलिए दूसरो को हस्ता देख हम भी मुस्कुरा लेते हैं।   ********   गले […]

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ज़ियारत/pilgrimage

लफ़्ज़ों का हाथ थामे,ख़्याल ज़ियारत करते हैं, ख़ाली,अनजाने रास्तों पर। बेमकसद क़दम बड़ते रहते हैं बेफैदा शजरो से भरे दश्त के बीच। चीख लेती हैं मेरी खामोशियां भी कभी उन विरानियों में। पहुंच जाती हूं उन मकामों पे जहां सब कुछ हैं फना। और वही से मैं फिर सबकुछ ले आती हूं। कभी ख्वाब, कभी […]

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Zarra-e-ulfat #10

Sharing with you all few more couplets (Shairs) related to Love😊   ******** रूह से मोहब्बत करने वाले कभी जुदा नहीं होते, जिस्म की तेहजीब रखने वाले कभी बेवफा नहीं होते। (तहजीब – discipline)   ********   यूं भीगो दे तू मुझे अपनी उल्फत की बारिश में, कि मैं आज खुद से रिहा हो जाऊ। […]

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Ghazal#3

Sharing another Ghazal with you all 😊 ******* नए और नए, रोज़ नए लगते हैं, एक चेहरे पे लोग कितने चेहरे रखते हैं।   मैले पानी में भी साफ नजर आति उनकी सूरत, जो पाक  अपने कल्ब ओ ज़हन रखते हैं।   शिकस्त कोई नहीं कर सकता मुझे मेरे सिवा, यह जानके हम खुदसे थोड़ा […]

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Ghazal #2

हवाओं में अब चुभने लगे हैं कांटे, इस घुुटन में बताओ सांस लु कैसे? टूट कर कोने में पढ़ी हूं कही, घर का हिस्सा हूं लेकिन यह भूलाऊ कैसे? सब कुछ भूलकर उन्हें गले लगाना हैं, दुश्मन को दोस्त मैं बनाऊ कैसे? अना की नशे में सोया हैं उनका वजूद, मदहोशी से मैं उनको जगाउ […]

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Bazm-e-khayal#15 (Chamber of my thoughts)

Whenever I write bazm-e-khayal it calms my thoughts and puts my mind at peace.To be able to express yourself in words is truly a blessing.It heals you😊 and may be helps others too🙂 ******** तारिकी अना ki हटाकर रोशन ज़मीर से देख हर शक्स तुझे चलता फिरता करिश्मा नजर आएगा। Leave the darkness of ego […]

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आज नहीं

दिल सर्द सा लगता है तेरे मौजूदगी के बगैर, ज़िन्दगी चलती रहती हैं ख़ारों के जंगलों में। तू साथ अगर हो तो यह कांटे चुभते नहीं, जैसे मेरे हर ज़ख्म का मरहम हैं तू। कहूंगी यह तूझसे फिर कभी लेकिन,आज नहीं।   तेरी एक हसीं से मेरे सारे गम पिघल जाए, दूर से तुझे देख […]

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Junoon

तेरा नाम ज़िन्दगी में आते ही मेरी खामोशी आवाज़ धुंडने लगी। जिल्द और हाड्डियों का यह खंडहर फिरसे जान ए बसर धुंडऩे लगी। खाली जो हो गया था यह दिल रग उसकी फिर खून धुंडऩे लगी। खानाबदोश सा क्लब मेरा अब तेरे मोहब्बत का दर धुंडऩे लगी। ज़िन्दगी की ठहरी यह रात फिर नूर ए […]

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Zarra-e-ulfat#9(Bits of Love)

Sharing with you all beautiful people some couplets on “Love” ******** उलझ के रह गई हैं हाथों की लकीरें जबसे तू मेरे ख्वाहिशों में आया। The fate lines of my hands have tangled, The moment you have become my desire. ******** सेहर पे जिस तरह शम्स शबनम को हैं चूमता, तेरा लम्स वैसे ही मेरे […]

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Bazm-e-khayal #14 (Chamber of my thoughts)

Sharing with you all few more couplets😊.I try my best to translate in English.If you think of a better translation plz comment and I will improvise 😄 (Irshaad bol do….) ******** ज़ाहिर ना कर उम्मीदों को ख्वाहिशों के बाज़ार में, की कुछ अपने ही तेरे ,कही इन्हें नीलाम ना कर दे।   Don’t disclose your […]

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Zarra-e-ulfat #8 (Bits of Love)

Sharing with you all few more couplets related to Love😊   ********   कुछ और तरीके धुंड ले तू दिल तोड़ने के की तेरे दिये ज़ख्म भी अब लगते हैं तोहफे जैसे।   (Find some other ways to break my heart Now wounds from you feel like gifts to me)   ********   खयाल ए […]

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Bazm-e-khayal #13 (Chamber of my thoughts)

Sharing with you all few of my couplets (Shair)😊These are individual shairs.They aren’t related to each other. ******** ज़िन्दगी के कदमों की यह कैसी हैं मसाफत मौत आने को हैं लेकिन अब तक मेरा घर ना मिला।   Zindagi ke kadamo ki yeh kaisi masaafat Maut aane ko Hain lekin ab tak mera Ghar na […]

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ईद / Eid

I have some of the best childhood memories of Eid😊. But a lot changes for a girl when she gets married and comes to another house.This isn’t any special poem but just something I feel every year on Eid. Actually I was planning to post bazm-e-khayal today.But as I was seeing all the Eid posts […]

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Ghazal #1

The above pic which was posted by Nirant on Instagram inspired me to write this Ghazal.I haven’t written a Ghazal in ages and also not used my pen name ever in a Ghazal.This one will be the first and so will hold a special place in my heart.It was written in less than three minutes […]

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Zarra-e-ulfat #7 (Bits of Love)

I can’t write much about ” Love” .That’s the reason you will see more posts of bazm-e-khayal than of Zarra-e-ulfat. But whatever passes my mind I am sharing with you all😊.I hope they make you happy.   ♡♡♡♡♡   Aane ka wada jo tu bus ek baar kar de, Iss tabah dil ko main phir […]

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A glimpse of Spring

As you all know it’s springtime here.I love spending most of the time in neighborhood park during spring.Good thing about this is I do a lot of photography and the bad thing is I don’t get time to write😄.I also have been busy watching biographies of urdu poets.May be sometime in future I may share […]

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